निर्माण विधि: हाथ से बुना हुआ | आधार: बुना हुआ आधार | ऊपरी रेशों की ऊँचाई: मध्यम (6 - 12 मिमी) | सामग्री: ऊन | थीम / शैली: पारंपरिक | रंग: बहुरंगी | आकार: आयताकार | झालर का प्रकार: सपाट झालर || हाथ से बुना हुआ, बिल्कुल नया! संग्रहणीय प्राचीन आयवाजीक-चानाक्कले गलीचा। आयाम: 100*150 सेमी। यह मेहराब (प्रार्थना-स्थल) डिज़ाइन वाला एक पुराना प्राचीन गलीचा है। इसकी आयु लगभग 100 वर्ष से अधिक है। यह विशेष सपाट-बुनाई वाला गलीचा है, जो पूरी तरह ऊन से बना है और प्राकृतिक रंगों से रंगा गया है। इसे सुरक्षित रखा गया है और कभी इस्तेमाल नहीं किया गया। यह संदूक में सुरक्षित रखा गया गलीचा है। 100% ऊन, 100% हाथ से बुना हुआ और 100% प्राकृतिक रंगों से रंगा हुआ। इसमें लाल, नील, केसरिया पीला, टेराकोटा, जैतूनी हरा और गुलाबी जैसे प्राकृतिक रंग हैं, जिन्हें जड़-आधारित रंगों से तैयार किया गया है। झालर और गलीचा बिना किसी बदलाव के अपनी मूल अवस्था में सुरक्षित हैं। विशेष शिल्पकौशल से बुना गया यह आयवाजीक के सबसे खास कालीनों में से एक और एक प्राचीन वस्तु है। इसे पूरी तरह जड़-आधारित रंगों से इसके मूल रंगों में रंगा गया है। उच्च गुणवत्ता और घनी बुनाई के कारण यह मानक कालीनों की तुलना में कहीं अधिक गुणवत्तापूर्ण है। यह एक मूल्यवान संग्रहणीय वस्तु है, जिसे आप जीवनभर सुरक्षित रख सकते हैं। यह दोषरहित और दुर्लभ प्राचीन वस्तु है। बिक्री के लिए उपलब्ध हमारे सभी उत्पादों के साथ 24 महीने (2 वर्ष) की वारंटी और चालान दिया जाता है। आपको प्राप्त होने वाले उत्पाद सीलबंद पैकेजिंग में आएँगे। हमारे उत्पादों के स्टॉक से संबंधित कोई समस्या नहीं है। उत्पाद के साथ कालीन उपयोग मार्गदर्शिका शामिल होगी। अनुरोध करने पर अतिरिक्त उपयोग संबंधी जानकारी प्रदान की जाएगी।